Hymn Devotion Social Hindi Story

भजन और भक्ति – एक अनोखी कहानी

आज हम आपको बहुत ही अनोखी कहानी Social Hindi Blog के माध्यम से आप तक पहुंचाने जा रहे है| इस ब्लॉग Hymn Devotion Social Hindi Story में बताया गया है की हमें मुसीबतों में कैसे अपने आपको संभालना चाहिए| बहुत ही प्यारा Social Hindi Blog है एक बार ज़रुर पढ़े|

दोस्तों इस हिंदी ब्लॉग में बहुत ही अच्छा भक्ति का वर्णन बताया है की भक्ति क्या हैं| एक भिखारी था| जो हमेशा की तरह आज भी भीख मांगने को निकल गया| लेकिन आज जो हुआ शायद पहले न हुआ होगा| भिखारी एक सेठ के घर के बाहर खड़ा होकर भजन गा रहा था और बदले में खाने को रोटी मांग रहा था| सेठानी काफी देर से उसको सुन रही थी और कह रही थी आ रही हूँ| रोटी उसके हाथ में थी फिर भी वो कह रही थी रुको आ रही हूँ|

उसके इंतजार में भिखारी अपने भजन गा रहा था बस ये सोच कर की वो रोटी ले कर आ रही है तब तक गाना गाता रहूँ फिर आगे की और निकल चलूँगा| लेकिन इस सब को कोई और भी देख रहा था तो वो था सेठ| सेठ ये सब देख रहा था, पर कुछ समझ नहीं पा रहा था| कुछ समय और ऐसा चलता रहा| फिर क्या था सेठ से रहा नहीं गया और सेठानी को जा कर बोला – रोटी तेरे हाथ में है| मैं कब से देख रहा हु तुम रोटी को हाथ में लेकर खड़ी हो, तुम सुन ही नहीं रही, कब से वो बाहर मांग रहा हैं| तुम उसे रोटी क्यों नहीं दे रही हो? सेठानी ने सेठ को बहुत ही सुन्दर जवाब दिया की मैं उसे रोटी दे दूंगी, पर क्या है ना की मुझे उसका भजन बहुत प्यारा लग रहा है, अगर उसको रोटी दे दूंगी तो वो आगे चला जायेगा और मुझे उसका भजन सुनने को नहीं मिलेगा| मुझे भिखारी का भजन थोड़ी देर ओर सुनना है!! भिखारी अपना भजन गाता रहा जब तक की सेठानी ने रोटी न दी| भिखारी ने अपना कर्तव्य नहीं छोड़ा| कुछ देर बाद सेठानी आयी और उस भिखारी को रोटी दे दी|

Hymn Devotion Social Hindi Story Instagram
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यदि प्रार्थना के बाद भी भगवान आपकी नहीं सुन रहा है तो हताश या निराश न हो| शायद प्रभु को भी उस सेठानी की तरह आपकी प्रार्थना प्यारी लग रही है| इसलिए इंतजार करो और प्रार्थना करते रहो| जीवन में कैसा भी दुःख और कष्ट क्यों न आये, पर भक्ति को न छोडिए| क्या कष्ट आता है तो हम खाना खाना छोड़ देते हैं? क्या बीमारी आती है तो साँस लेना छोड़ देते है? नहीं ना? तो फिर जरा सी तकलीफ़ आने पर आप भक्ति करना क्यों छोड़ देते हो?

दोस्तों जीवन में कैसी भी तकलीफें क्यों न आये हमें कभी दो चीजें नहीं छोड़नी चाहिए – भजन और भोजन| क्योकिं अगर हम भोजन छोड़ देंगे तो ज़िन्दा नहीं रह पाएंगे और भजन छोड़ देंगे तो कही के नहीं रह पाएंगे|

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बोझ… कहानी जो दिल को छू ले|

3 thoughts on “भजन और भक्ति – एक अनोखी कहानी”

  1. बहुत ही बेहतरीन article लिखा है आपने। Share करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। 🙂 🙂

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