Great Freedom Fighter Netaji Subhash Chandra Bose Hindi Blog

भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी – सुभाष चन्द्र बोस

दोस्तों आज 23 जनवरी है आज भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चन्द्र बोस (Great Freedom Fighter Netaji Subhash Chandra Bose) का उड़ीसा में कटक के एक संपन्न बंगाली परिवार में जन्म हुआ था| उन्हें हम नेताजी के नाम से भी जानते है| उनकी याद में हिंदी मंच दो शब्द हिंदी ब्लॉग(Hindi Blog) के माध्यम से उनके जीवनी पर लिखना जरुरी समझाता है| आप भी अपने पांच मिनिट देकर Great Freedom Fighter Netaji Subhash Chandra Bose Hindi Blog हिंदी ब्लॉग को एक बार जरुर पढ़े|

भारत की आजादी में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस(Netaji Subhash Chandra Bose) का बहुत ही बड़ा योगदान रहा। उन्होंने Indian National Army इंडियन नेशनल आर्मी(आजाद हिंद फौज) की स्थापना की थी।

आजाद हिंद फौज का गठन करके अंग्रेजों की नाक में दम करने वाले फ्रीडम फाइटर सुभाषचंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को उ़डीसा के कटक शहर में हुआ था| उनके पिता का नाम जानकीनाथ बोस और माँ का नाम प्रभावती था। उनके पिता, जानकीनाथ बोस, कटक के एक समृद्ध और सफल वकील थे और उन्होंने ‘राय बहादुर ” का खिताब भी प्राप्त किया था। बाद में वे बंगाल विधान परिषद Bengal Legislative Council के सदस्य भी बने थे।

Janakinath Bose

जानकीनाथ बोस

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का नारा ‘तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा’ भारत का राष्ट्रीय नारा बन गया है।

याद रखिए सबसे बड़ा अपराध अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना है|

नेताजी ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई कटक के रेवेंशॉव कॉलेजिएट स्कूल में हुई। तत्पश्चात् उनकी शिक्षा कलकत्ता के प्रेज़िडेंसी कॉलेज और स्कॉटिश चर्च कॉलेज से हुई, और बाद में भारतीय प्रशासनिक सेवा (इण्डियन सिविल सर्विस) की तैयारी के लिए उनके माता-पिता ने बोस को इंग्लैंड के केंब्रिज विश्वविद्यालय भेज दिया। अँग्रेज़ी शासन काल में भारतीयों के लिए सिविल सर्विस में जाना बहुत कठिन था किंतु उन्होंने सिविल सर्विस की परीक्षा में चौथा स्थान प्राप्त किया।

Great Freedom Fighter Netaji Subhash Chandra Bose

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस

सबसे पहले गाँधीजी को राष्ट्रपिता कह कर सुभाष चंद्र बोस(Netaji Subhash Chandra Bose) ने ही संबोधित किया था।

सुभाषचंद्र बोस जी को नेताजी कहने वाला पहला शख्स एडोल्फ हिटलर ही था।

1944 को आजाद हिन्द फौज ने अंग्रेजों पर आक्रमण किया और कुछ भारतीय प्रदेशों को अंग्रेजों से मुक्त भी करा लिया।

नेताजी की मौत 18 अगस्त 1945 को ताइहोकू एयरपोर्ट पर उनके विमान के क्रेश होने से हुई थी| हालांकि इस बारे में पुख्‍ता जानकारी अभी तक आम लोगों के लिए जारी नहीं की गई है| अधिक जानकारी आप भारत-दर्शन से पढ़ सकते है|

दोस्तों आप भी एक बार जरुर पढ़े साथ ही अच्छा लगे तो एक बार जरुर लाइक और शेयर करे|

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *